DDA इन पुरानी कॉलोनियों में भरेगा नई जान, जल्द होगा पुनर्विकास, जानें…
दिल्ली की 50 साल से ज्यादा पुरानी कॉलोनियों और जहां के निवासी कई सालों से जर्जर इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं

Delhi, DDA Colonies: दिल्ली की 50 साल से ज्यादा पुरानी कॉलोनियों और जहां के निवासी कई सालों से जर्जर इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं, का कायाकल्प होने वाला है। दरअसल, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने ऐसी करीब 30 कॉलोनियों और सोसायटियों के पुनर्विकास की योजना लाने की तैयारी शुरू कर दी है।
इस दिशा में बड़ा कदम तब उठाया गया जब उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 2024 में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया। टास्क फोर्स में डीडीए के साथ-साथ डीडीए, दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईआईडीसी), नगर निगम (एमसीडी) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधि शामिल थे। टास्क फोर्स ने अब उपराज्यपाल और दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत सुझाव और समाधान वाली एक रिपोर्ट सौंपी है।

डीडीए अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट एक बड़ी शुरुआत हो सकती है। इसमें उन कॉलोनियों की पहचान की गई है जो समय के साथ खराब हो गई हैं। इन कॉलोनियों में फ्लैटों में रहने वाले लोगों ने कई बार डीडीए को पत्र लिखकर मरम्मत और सुविधाओं की मांग की थी। अब जब रिपोर्ट तैयार हो गई है तो उम्मीद है कि जल्द ही इसे दिल्ली सरकार से मंजूरी मिल जाएगी और काम शुरू हो जाएगा।
इन कॉलोनियों में सफदरजंग, साकेत, ईस्ट ऑफ कैलाश, कालकाजी, फ्रेंड्स कॉलोनी, पीतमपुरा, राजौरी गार्डन, जनकपुरी, विवेक विहार, विकासपुरी, शालीमार बाग और गोविंदपुरी जैसे इलाके शामिल हैं। ये इलाके दिल्ली की पहचान का हिस्सा हैं, लेकिन समय के साथ इनमें बुनियादी ढांचे की हालत खराब होती गई है।










